मुनस्यारी बचाओं संघर्ष समिति ने चीन सीमा से लगे बाइब्रेंट विलेज की महिलाओं को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अतिथि नहीं बनाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर स्पष्ट किया कि अगर सूची संशोधित नहीं हुई तो 15 अगस्त के दिन सीमा से लगे गांव के लोग अपने घरों में बैठकर मौन उपवास करेंगे। समिति ने इस चयन को मुनस्यारी की महिलाओं का अपमान बताया।
समिति के संयोजक तथा पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने मंगलवार को ईमेल के माध्यम से मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, जिलाधिकारी तथा उप जिलाधिकारी को नाराजगी भरा पत्र प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार 15 अगस्त 2025 को दिल्ली में होने वाले स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में केवल एक विकासखंड की महिलाओं को ही अतिथि के रूप में बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि बाइब्रेंट विलेज मुनस्यारी की महिलाओं को भी अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर दिया जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि अन्यायपूर्ण चयन जिस अधिकारी ने किया है उसकी जांच करते हुए उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि चयन सूची को संशोधित करते हुए विकासखंड मुनस्यारी के बाइब्रेंट विलेज की महिलाओं को अतिथि के रूप में अवसर दिया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर राज्य सरकार ने सूची संशोधित नहीं किया और क्षेत्र की महिलाओं का अपमान जारी रहा तो इस बार 15 अगस्त को चीन सीमा के बाइब्रेंट विलेज के नागरिक अपने घरों में मौन उपवास करेंगे।
उन्होंने कहा कि विकासखंड मुनस्यारी की महिलाओं का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Reported By: Arun Sharma














Discussion about this post