World Kidney Day के अवसर पर All India Institute of Medical Sciences Rishikesh में आयोजित सीएमई (सतत मेडिकल शिक्षा) कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने डायलेसिस प्रबंधन की महत्वपूर्ण बारीकियों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में बताया गया कि किडनी रोगियों के लिए डायलेसिस के निर्धारित सत्रों को बीच में छोड़ना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों ने हेमोडायलिसिस और पेरिटोनियल डायलेसिस की प्रक्रिया, प्रभाव और सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
संस्थान की कार्यकारी निदेशक Meenu Singh ने कहा कि डायलेसिस एक जीवनरक्षक प्रक्रिया है और इसके प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही रोगी के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। कार्यक्रम में चिकित्सकों को किडनी रोगों की डायग्नोस्टिक तकनीकों और फ्लूड मैनेजमेंट से जुड़ा व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
Reported By: Arun sharma












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