
देहरादून के हिमालयन इंस्टिट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट (एचआईएचटी), जौलीग्रांट में संस्थापक डॉ. स्वामी राम का 30वां महासमाधि दिवस आज श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। समारोह के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) होंगे।
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने बताया कि इस वर्ष समारोह विशेष रूप से भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर ‘स्वामी राम मानवता पुरस्कार–2025’ से सुमंगली सेवा आश्रम, कर्नाटक को सम्मानित किया जाएगा। यह संस्था लगभग पांच दशकों से निर्धन महिलाओं, अनाथ बच्चों और वृद्धजनों की सेवा में समर्पित है। संस्था को गोल्ड मेडल, प्रशस्ति पत्र और 10 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत संस्थान के चयनित कर्मचारियों को ‘उत्कृष्ट कर्मचारी पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन होगा और शाम को विश्वविद्यालय सभागार में ‘शांति की स्वर धारा’ भजन संध्या में जापानी संगीतकार हिरोकी ओकानो बांसुरी वादन की प्रस्तुति देंगे।
डॉ. स्वामी राम को एक संत, समाजसेवी, चिकित्सक और दार्शनिक के रूप में जाना जाता है। उनका जन्म 1925 में पौड़ी गढ़वाल के तोली-मल्ला बदलपुर में हुआ था। उन्होंने 1989 में एचआईएचटी की स्थापना की, जिसके तहत हिमालयन अस्पताल (1994) और मेडिकल कॉलेज (1995) की नींव रखी गई।
13 नवंबर 1996 को स्वामी राम ब्रह्मलीन हुए, लेकिन उनके सपनों को आगे बढ़ाने का कार्य ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने संभाला। उनके नेतृत्व में संस्थान ने कैंसर केयर सेंटर (2007) और स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (2013) की स्थापना की, जो आज उत्तराखंड में चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दे रहा है।
Reported By: Arun Sharma













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