
अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के तहत उत्तराखंड में सहकारिता की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में सहकारिता मेलों का आयोजन किया जा रहा है। पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा और बागेश्वर में मेले सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं, जबकि रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में आयोजन जनसहभागिता के साथ जारी हैं।
रुद्रप्रयाग के गुलाबराय क्रीड़ा मैदान में आयोजित सहकारिता मेला-2025 के पंचम एवं अंतिम दिवस पर सहकारिता, उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने वर्चुअल माध्यम से जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि “सहकारिता आंदोलन आत्मनिर्भर भारत का सशक्त आधार है।” डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 30 लाख सहकारी सदस्य सक्रिय हैं, जिन्हें आने वाले वर्षों में 50 लाख तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
मेले में पैक्स कंप्यूटरीकरण, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, किसान कल्याण योजना और माइक्रो एटीएम वितरण कार्यक्रम पर विस्तृत जानकारी दी गई। तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने सहकारी समितियों और स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक प्रौद्योगिकी से जोड़ने के उपाय साझा किए।
कार्यक्रम में ₹39.31 लाख की धनराशि 34 कृषकों को और ₹4 लाख एक महिला समूह को प्रदान की गई। साथ ही नगरासू, नवासू, बरसूड़ी, फाटा और उच्छादुगी एमपैक्स समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किए गए।
सांस्कृतिक सत्र में स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और महिला समूहों ने लोकगीतों और लोकनाट्य प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का संचालन किशन सिंह रावत, अनुदेशक, जिला सेवायोजन कार्यालय, रुद्रप्रयाग द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को धन्यवाद ज्ञापन अर्पित किया गया और सहकारिता विभाग, जिला प्रशासन तथा मीडिया प्रतिनिधियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।
Reported By: Arun Sharma













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