उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के जन्मदिवस के अवसर पर ‘संवेदना अभियान’ के तहत देश के पहले लेखक गांव थानों (देहरादून) में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 200 यूनिट से अधिक रक्तदान किया और समाज के प्रति संवेदनशीलता तथा मानव सेवा का संदेश दिया।
हिमालयीय आयुर्वेदिक (पी.जी.) मेडिकल कॉलेज, स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय, भागीरथ प्रयास फाउंडेशन, रुड़की तथा देवभूमि ब्लड बैंक, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान कर जरूरतमंदों की सहायता का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत लेखक गांव स्थित श्री नरसिंह भगवान मंदिर में विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना और हवन के साथ हुई। इस अवसर पर डॉ. निशंक के साथ उनकी पुत्री डॉ. आरुषि निशंक, विदुषी निशंक, अभिनव पंत, मेजर देवल वाजपेयी, आर्यन देव उनियाल सहित परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान डॉ. निशंक ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
इसके बाद नालंदा पुस्तकालय शोध एवं अनुसंधान केंद्र में आयोजित बाल कवि गोष्ठी में सनराइज अकादमी और एंजेल्स अकादमी बहादराबाद के छात्र-छात्राओं ने डॉ. निशंक की चर्चित बाल रचनाओं ‘भोर की किरण’, ‘बारिश की फुहार’ और ‘प्रकृति का उपहार’ सहित अन्य कविताओं का भावपूर्ण पाठ कर उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। विद्यार्थियों ने संस्कृत में जन्मदिवस गीत प्रस्तुत कर भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की सुंदर झलक भी पेश की।
डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें साहित्य, शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रेरित किया। वहीं रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हेलमेट भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
अपने संबोधन में डॉ. निशंक ने कहा कि “संवेदना मानव जीवन का सबसे बड़ा मूल्य है। रक्तदान केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारी करुणा, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। यदि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान का संकल्प ले, तो अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।”
उन्होंने युवाओं से स्वैच्छिक रक्तदान और समाजसेवा से जुड़े अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज को अधिक संवेदनशील और मानवीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Reported By: Arun Sharma












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