उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। डोईवाला स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एचआईएमएस), जौलीग्रांट की एमबीबीएस सीटों की संख्या अब 150 से बढ़ाकर 250 कर दी गई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने संस्थान को अतिरिक्त 100 सीटों की मंजूरी प्रदान की है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय परिसर में केक काटकर खुशी मनाई गई, जिसमें फैकल्टी, चिकित्सकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने इस उपलब्धि पर सभी फैकल्टी सदस्यों, चिकित्सकों, कर्मचारियों और प्रबंधन टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह संस्थान की उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता, आधुनिक अधोसंरचना, अनुभवी फैकल्टी और उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाओं का परिणाम है। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस सीटों में वृद्धि से उत्तराखंड सहित देशभर के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे और भविष्य में देश को अधिक संख्या में प्रशिक्षित एवं संवेदनशील चिकित्सक मिल सकेंगे।
डॉ. धस्माणा ने कहा कि सीटों में वृद्धि का सबसे अधिक लाभ उत्तराखंड के विद्यार्थियों को मिलेगा। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए मेडिकल शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसे उत्तराखंड को चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
एनएमसी की मंजूरी के बाद एचआईएमएस की सभी 250 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश नीट-यूजी (NEET-UG) की केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से होंगे। इनमें से 75 सीटें उत्तराखंड के स्थायी निवासी छात्र-छात्राओं के लिए आरक्षित रहेंगी, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा।
संस्थान ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के व्यापक मूल्यांकन में पर्याप्त क्लीनिकल मैटीरियल, अनुभवी फैकल्टी, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, आधुनिक अनुसंधान सुविधाओं, समृद्ध लाइब्रेरी और उच्च स्तरीय क्लीनिकल प्रशिक्षण जैसे सभी आवश्यक मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसके आधार पर यह स्वीकृति प्रदान की गई।
वर्ष 1995 में स्थापित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज उत्तर भारत का पहला निजी मेडिकल कॉलेज है। लगभग तीन दशकों से यह संस्थान चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में संस्थान में 250 एमबीबीएस सीटों के अलावा 131 स्नातकोत्तर (पीजी) और 23 सुपर स्पेशियलिटी सीटें उपलब्ध हैं।
एचआईएमएस से संबद्ध 1200 बिस्तरों वाला हिमालयन अस्पताल प्रतिदिन हजारों मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करता है। उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार समेत उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण, अनुसंधान संस्कृति और अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन ने एचआईएमएस को देश के प्रमुख मेडिकल संस्थानों में शामिल किया है।
Reported By: Arun Sharma











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