उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान खटीमा में शहीद हुए आंदोलनकारियों की 32वीं बरसी पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पहुंचकर आंदोलनकारियों के बलिदान को नमन किया और कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप प्रदेश के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा गोलीकांड उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास का एक बेहद पीड़ादायक अध्याय है। राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदान और आंदोलनकारियों के संघर्ष के कारण ही आज उत्तराखंड एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में है।
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सीएम धामी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड को आंदोलनकारियों की भावनाओं और उनके सपनों के अनुरूप एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाया जाए। इसके लिए प्रदेश में विकास कार्यों के साथ-साथ आंदोलनकारियों से जुड़े विषयों पर भी गंभीरता से काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वंचित राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया लगातार जारी है। सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि पात्र आंदोलनकारियों को उनके अधिकार और सुविधाएं मिल सकें। आंदोलनकारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए एक समिति का गठन भी किया जाना है, जिसकी प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
क्या था खटीमा गोलीकांड?
1 सितंबर 1994 को उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर खटीमा में आंदोलनकारी प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान गोलीकांड हुआ, जिसमें कई आंदोलनकारी शहीद हुए और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। यह घटना उत्तराखंड राज्य आंदोलन की सबसे दर्दनाक घटनाओं में गिनी जाती है।
खटीमा गोलीकांड के बाद राज्य आंदोलन और तेज हुआ। इसके बाद मसूरी और मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा समेत कई स्थानों पर आंदोलनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की घटनाएं सामने आईं। लंबे संघर्ष और बलिदानों के बाद 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड देश के 27वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।
32वीं बरसी पर खटीमा में शहीदों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों और शहीदों के परिवारों के सम्मान तथा कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करते समय राज्य आंदोलन की मूल भावना और आंदोलनकारियों के सपनों को हमेशा प्राथमिकता दी जाएगी।
पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड












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