कार्य मंत्रणा समिति की सिफारिश को सदन में रखे जाने को लेकर कांग्रेस के काजी निज़ामुद्दीन ने नियमावली का हवाला का हवाला देते हुए कहा कि सदन नियमावली के विपरीत चलाया जा रहा है । नियमों में स्पष्ट उल्लेख है कि राज्यपाल के अभिभाषण पर चार दिन और बजट के प्रस्तुत होने के दो दिन बाद चार दिन चर्चा कराई जाएगी , किंतु परम्परा के विपरीत बजट को राज्यपाल के अभिभाषण के दिन ही प्रस्तुत किया गया । विपक्ष उसका भी विरोध नहीं कर रहा , किंतु कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सदन का समय सीमित कर दिया गया । उन्होंने विरोध स्वरूप सदन की कार्य नियमावली पुस्तिका को सचिव को सौंप दी ।
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति से नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ विधायक प्रीतम सिंह ने इस्तीफा दे दिया , उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया । उन्हें व्यक्तिगत रूप से कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में आमंत्रित किया गया , इसके बावजूद वे बैठक में नहीं आए ।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सरकार की हठधर्मिता और संख्या बल के आधार पर निर्णय लेने के कारण कांग्रेस के सदस्यों ने कार्य मंत्रणा समिति से इस्तीफा दिया ।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने सदन को बताया कि कांग्रेस के दोनों सम्मानित विधायकों के इस्तीफे स्वीकार नहीं किए गए , इसलिए वे आज भी सदन के सदस्य हैं ।
भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने विपक्ष पर अध्यक्ष के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि अध्यक्ष के निर्णय का विरोध करना भी पीठ की अवमानना है ।
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने विपक्ष को संतुष्ट करने का प्रयास किया किंतु विपक्ष नियमों का हवाला देता रहा ।
इस मामले पर पक्ष विपक्ष के बीच लगभग एक घंटे तक विवाद चलता रहा ।
सबको सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री को कार्य मंत्रणा समिति की सिफारिशों पर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। जिसके बाद इन प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया गया ।
Reported By: Arun sharma












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