भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देने की दिशा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की ने “भारत में पम्प्ड स्टोरेज हाइड्रोपावर (PSP) विकास के लिए आगे की राह” शीर्षक से एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट का विमोचन संतोष कुमार सारंगी, सचिव, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा किया गया।
रिपोर्ट में पम्प्ड स्टोरेज हाइड्रोपावर को बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और ग्रिड स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। यह अध्ययन भारत के नेट ज़ीरो 2070 लक्ष्य को प्राप्त करने में PSP की भूमिका को रेखांकित करता है।
प्रो. अरुण कुमार के नेतृत्व में तैयार इस रिपोर्ट में PSP परियोजनाओं के विस्तार में आने वाली चुनौतियों—जैसे नीतिगत बाधाएं, वित्तीय सीमाएं और भूमि संबंधी जटिलताएं—की पहचान की गई है, साथ ही इनके समाधान भी सुझाए गए हैं। इसमें स्वीकृति प्रक्रियाओं के सरलीकरण, नवाचार आधारित वित्तीय मॉडल और संस्थागत समन्वय पर विशेष जोर दिया गया है।
रिपोर्ट की एक खास बात समुद्र आधारित PSP सिस्टम और परित्यक्त खदानों के उपयोग जैसे नए विकल्पों की खोज है, जो भविष्य में ऊर्जा भंडारण के नए रास्ते खोल सकते हैं।
कमल किशोर पंत ने इस पहल को भारत के सतत ऊर्जा भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, वहीं घनश्याम प्रसाद ने ग्रिड स्थिरता और बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में PSP की भूमिका पर जोर दिया।
यह रिपोर्ट नीति निर्माताओं, उद्योग और शोध संस्थानों के लिए एक मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में उभर रही है, जो भारत को आत्मनिर्भर और स्वच्छ ऊर्जा प्रणाली की ओर आगे बढ़ाने में सहायक होगी।
Reported By: Arun Sharma












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