ऋषिकेश स्थित एम्स में विश्व किडनी डे के अवसर पर जनजागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू की जा रही है। श्रृंखला के पहले दिन मंगलवार को संस्थान में पब्लिक अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा, जिसमें किडनी से जुड़ी बीमारियों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी।
एम्स के नेफ्रो व जनरल मेडिसिन विभाग के प्रमुख प्रो. रविकांत ने बताया कि डायबिटिक किडनी डिजीज किडनी फेलियर के प्रमुख कारणों में से एक है। लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर किडनी के फिल्टरिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है, जिससे किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में इसके खास लक्षण नहीं दिखते, लेकिन बीमारी बढ़ने पर पैरों या टखनों में सूजन, झागदार या कम पेशाब, सांस लेने में दिक्कत और हाई ब्लड प्रेशर जैसे लक्षण सामने आते हैं।
प्रो. रविकांत ने सलाह दी कि ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना, नियमित जांच कराना और दर्द निवारक दवाओं का अधिक सेवन न करना किडनी को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी है।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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