उत्तराखंड में मानसून के दौरान भारी बारिश और संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए बंगाल इंजीनियर ग्रुप एंड सेंटर (बीईजी एंड सेंटर), रुड़की ने आपदा से निपटने की तैयारियों को और मजबूत करते हुए विभिन्न एजेंसियों के साथ संयुक्त बाढ़ राहत एवं बचाव अभ्यास (मॉक ड्रिल) आयोजित किया। यह अभ्यास 17 जुलाई को अपर गंगा नहर स्थित वेट ब्रिजिंग ट्रेनिंग एरिया में हरिद्वार जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय (DDMO) के सहयोग से संपन्न हुआ।
संयुक्त अभ्यास में DDMO हरिद्वार, 40वीं पीएसी बटालियन, एसडीआरएफ उत्तराखंड, मिलिट्री हॉस्पिटल रुड़की तथा बीईजी एंड सेंटर के कुल 110 कर्मियों ने हिस्सा लिया। अभ्यास का उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित बाढ़ जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों का आकलन करना, राहत एवं बचाव प्रणाली को परखना तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को और प्रभावी बनाना था।
अभ्यास की शुरुआत में सभी सहभागी एजेंसियों ने अपनी-अपनी राहत एवं बचाव क्षमताओं की जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बाढ़ जैसी आपात स्थितियों में अपनी भूमिका, कार्यक्षेत्र, विशेष उपकरणों, प्रतिक्रिया प्रणाली और समन्वय प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। इससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और आपदा के समय त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की रणनीति पर जोर दिया गया।
मॉक ड्रिल का मुख्य आकर्षण बाढ़ राहत अभियान का लाइव प्रदर्शन रहा। इस दौरान बचाव नौका की सहायता से पानी में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार देने, बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) जैसी जीवन रक्षक प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया गया। इस अभ्यास ने यह संदेश दिया कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समय पर प्रतिक्रिया, समन्वय और विशेष संसाधनों का प्रभावी उपयोग कितना महत्वपूर्ण होता है।
इस अभ्यास में सेना के 18 नव नियुक्त अधिकारियों ने भी भाग लिया, जो वर्तमान में बीईजी एंड सेंटर में ओरिएंटेशन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्हें आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव अभियानों तथा नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने का व्यावहारिक अनुभव दिया गया। अधिकारियों को बताया गया कि वास्तविक आपदा के समय युवा सैन्य अधिकारी राहत अभियानों में नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संयुक्त मॉक ड्रिल के सफल आयोजन के साथ सभी सहभागी एजेंसियों ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित, समन्वित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह अभ्यास नागरिक-सैन्य सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
Reported By: Arun Sharma












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