हरिद्वार। आगामी 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले कांवड़ मेला-2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन को लेकर उत्तराखंड सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तराखंड सहित उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लेकर संयुक्त कार्ययोजना पर चर्चा की।
बैठक में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल, संचार व्यवस्था और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सभी राज्यों ने कांवड़ यात्रा के दौरान बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। तय किया गया कि यात्रा के दौरान सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान किया जाएगा तथा उत्तराखंड की सीमाओं पर पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त चेकपोस्ट और बैरियर स्थापित किए जाएंगे।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि कांवड़ यात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है और इसके सफल संचालन के लिए सभी संबंधित राज्यों एवं एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम यात्रा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के प्रवेश बिंदुओं पर श्रद्धालुओं को यात्रा संबंधी दिशा-निर्देश, सुरक्षा मानक और आवश्यक प्रतिबंधों की स्पष्ट जानकारी दी जाए। साथ ही सभी कांवड़ यात्रियों को वैध पहचान पत्र साथ रखने के लिए प्रेरित किया जाए तथा किसी भी प्रकार के घातक हथियार या प्रतिबंधित सामग्री के साथ यात्रा में प्रवेश पर सख्ती से रोक सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया की सतत निगरानी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जाए। इसके लिए सभी राज्यों के साइबर सेल और सोशल मीडिया इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) का उपयोग कांवड़ यात्रा के लिए नहीं किया जाएगा। इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए।
रेलवे अधिकारियों को कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष ट्रेनों के संचालन, रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। हरिद्वार और आसपास के प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त होल्डिंग एरिया विकसित करने और यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना) अभिनव कुमार, सचिव गृह शैलेश बगौली सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने कांवड़ मेले की तैयारियों की जानकारी दी। वहीं हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि 31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक अवधि रहेगी, जबकि 5 अगस्त से श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त से शुरू होने वाला डाक कांवड़ चरण मेले का सबसे चुनौतीपूर्ण और अत्यधिक भीड़ वाला दौर रहेगा।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, यातायात प्रबंधन और एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस अवसर पर विभिन्न केंद्रीय सुरक्षा बलों, भारतीय रेलवे और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी अपने सुझाव साझा किए।
प्रशासन का कहना है कि इस बार कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करेंगे, ताकि करोड़ों श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन
Reported By: Rajesh Kumar












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