
भारतीय सेना की 418 इंडिपेंडेंट फील्ड कंपनी (9 माउंटेन ब्रिगेड) के जवानों और गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के सेवादारों ने हेमकुंट साहिब गुरुद्वारा कॉम्प्लेक्स तक पहुंचकर उसके द्वार सफलतापूर्वक खोल दिए हैं। अरदास के बाद खोले गए इन द्वारों से अब टीम को यहीं ठहरकर कार्य करने की सुविधा मिल गई है, जबकि पहले उन्हें प्रतिदिन घंगरिया लौटना पड़ता था।
अब सेना और सेवादार अटलकोटी ग्लेशियर पॉइंट तक मार्ग को चौड़ा और सुरक्षित बनाने का कार्य करेंगे, जिससे तीर्थयात्रियों की यात्रा अधिक सुगम हो सके। हिमालय की कठिन परिस्थितियों में भारतीय सेना द्वारा वर्षों से की जा रही इस सेवा भावना की व्यापक सराहना की जा रही है, वहीं सेवादारों के समर्पण को भी विशेष रूप से सराहा गया है।
लगभग 4,632 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंट साहिब, सात बर्फीली चोटियों और पवित्र झील से घिरा एक प्रमुख सिख तीर्थस्थल है। ट्रस्ट ने जानकारी दी कि मंदिर के कपाट 23 मई 2026 को खुलेंगे, जबकि पहला जत्था 20 मई को ऋषिकेश से रवाना होगा, और यात्रियों से निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
Reported By: Arun sharma













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