देहरादून नगर निगम के तीन दिवसीय चतुर्थ बोर्ड अधिवेशन का समापन शनिवार को महत्वपूर्ण घोषणाओं और बजट पारित होने के साथ हुआ। महापौर की अध्यक्षता में चली इस बैठक के अंतिम दिन शहर के विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए।
हर वार्ड के लिए 50 लाख का बजट
महापौर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगम के बजट को सर्वसम्मति से पारित करने की घोषणा की। सबसे बड़ी राहत पार्षदों और जनता को देते हुए महापौर ने प्रत्येक वार्ड में विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए 50-50 लाख रुपये आवंटित करने का ऐलान किया है। इससे शहर के सभी वार्डों में सड़कों, नालियों और अन्य स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकेगा।
मानसून से पहले सफाई और आपदा प्रबंधन पर जोर
आगामी वर्षाऋतु को देखते हुए बोर्ड ने जल निकासी और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में तय हुआ कि: मशीनों की खरीद: फाॅगिंग मशीनें, ई-ऑटो रिक्शा, कॉम्पैक्टर और अन्य आवश्यक गाड़ियां खरीदी जाएंगी।
आपदा प्रबंधन: जलभराव रोकने के लिए विशेष उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी।
पशु प्रबंधन के लिए हाई-टेक योजना
शहर में लावारिस पशुओं और बंदरों की समस्या से निपटने के लिए बोर्ड ने ‘एनिमल वेलफेयर’ का पूरा खाका तैयार किया है। इसके तहत: निराश्रित पशुओं की पहचान के लिए माइक्रोचिपिंग की जाएगी। मृत पशुओं के निस्तारण हेतु एंकिरेटर प्लांट की स्थापना होगी। एनिमल एम्बुलेंस, डॉग शेल्टर का निर्माण और बंदरों को पकड़ने के अभियान को गति दी जाएगी। अश्ववंशीय पशुओं के मालिकों पर लगने वाले जुर्माने (अर्थदंड) में वृद्धि का प्रस्ताव भी पारित हुआ।
Reported By: Shiv Narayan












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