टिहरी गढ़वाल के चंबा विकासखंड के ग्राम सभा पलाश के पास स्थित अमृत सरोवर की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। प्राचीन सिद्ध पीठ श्री भरत मंदिर नागनी के व्यवस्थापक प्रेम दत्त बिजल्वाण ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए बताया कि लगभग तीन वर्ष पहले करीब 10 लाख रुपये की लागत से इस सरोवर का निर्माण पर्यटन को बढ़ावा देने और क्षेत्र के विकास के उद्देश्य से किया गया था।
निर्माण के समय नियमित सफाई और सौंदर्यीकरण के बड़े दावे किए गए थे, लेकिन वास्तविकता यह है कि केवल एक बार सफाई के बाद सरोवर को पूरी तरह उपेक्षित छोड़ दिया गया। आज इसकी स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि न तो ग्राम सभा को कोई लाभ मिल रहा है और न ही पर्यटक यहां आ रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में कई अन्य अमृत सरोवर भी इसी तरह उपेक्षा का शिकार हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, और हर बार “कार्य प्रगति पर है” कहकर मामले को टाल दिया जाता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शीघ्र सफाई, रखरखाव और सौंदर्यीकरण की मांग की है, ताकि सरोवर अपने मूल उद्देश्य को पूरा कर सके और क्षेत्र में पर्यटन को पुनर्जीवित किया जा सके।
Reported By: Arun Sharma












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