बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे की कथित चोरी के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि जिस व्यक्ति पर चोरी का आरोप है, उसे मंदिर समिति के अध्यक्ष अपने निजी सचिव के रूप में बद्रीनाथ धाम तक लेकर गए और उसकी तैनाती गणना कक्ष में कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सुनियोजित तरीके से किया गया और ऐसे में मंदिर समिति के अध्यक्ष इस पूरे घटनाक्रम से खुद को अलग नहीं कर सकते। गोदियाल ने कहा कि मामले की गहन जांच होनी चाहिए और यदि किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
गणेश गोदियाल,अध्यक्ष कांग्रेस
वहीं, मामले में आरोपी प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि सरकार इस प्रकरण को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ देख रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। रेखा आर्य ने कहा कि चोरी जैसे कृत्य धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं। इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रेखा आर्य (कैबिनेट मंत्री)
बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे से जुड़े इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष मंदिर समिति की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है, वहीं सरकार निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिला रही है। अब सभी की निगाहें एसआईटी की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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