उत्तराखण्ड के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय आवास में स्थापित मधुमक्खी बक्सों से शहद निकालकर मौनपालन को बढ़ावा देने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि 30 बक्सों से करीब 60 किलोग्राम शहद का उत्पादन हुआ।
मंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में 9000 से अधिक किसान व्यावसायिक रूप से मधुमक्खी पालन कर रहे हैं, जिससे लगभग 3300 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन्डिका और मेलिफेरा प्रजातियों से मुख्य रूप से शहद तैयार किया जा रहा है और यह व्यवसाय कम भूमि वाले किसानों के लिए भी लाभकारी है।
सरकार द्वारा हर जिले में मधुग्राम विकसित किए जा रहे हैं, जबकि चम्पावत और देहरादून में दो-दो मधुग्राम स्थापित किए गए हैं। साथ ही, शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत 80% तक अनुदान और राष्ट्रीय मिशन के तहत 90% तक सहायता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13 शहद प्रसंस्करण इकाइयाँ कार्यरत हैं, जिनकी क्षमता 200 मीट्रिक टन प्रतिदिन से अधिक है। मंत्री जोशी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना है और मधुमक्खी पालन इस दिशा में एक प्रभावी विकल्प बनकर उभर रहा है।
कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी
Reported By: Arun Sharma












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