
परमार्थ निकेतन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर ‘‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’’ महाश्रमदान-स्वच्छता अभियान का शुभारंभ स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के आशीर्वाद और साध्वी भगवती सरस्वती जी के मार्गदर्शन में किया गया। यह आयोजन महात्मा गांधी जी के ‘‘स्वच्छ भारत’’ के संकल्प और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान का प्रतीक रहा।
अभियान के दौरान ऋषिकुमारों और आचार्यों ने गंगा तट पर ‘‘स्वच्छ भारत, समृद्ध भारत’’ का संकल्प लिया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि स्वच्छता केवल बाहरी वातावरण की नहीं, बल्कि यह आंतरिक चेतना और राष्ट्रीय चरित्र की भी शुद्धि है। साध्वी भगवती सरस्वती जी ने युवाओं से आह्वान किया कि यदि वे स्वच्छता और सेवा का संकल्प लें तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।
यह श्रमदान अभियान पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘‘अंत्योदय’’ के चिंतन, महात्मा गांधी के स्वच्छता संदेश और प्रधानमंत्री मोदी के ‘‘विकसित भारत’’ विजन का अद्भुत संगम रहा। सहभागीजन ने इसे समाज कल्याण और चरित्र निर्माण का महायज्ञ बताते हुए स्वच्छ भारत के लक्ष्य को साकार करने का संकल्प लिया।
Reported By: Arun Sharma













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