पौड़ी। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उत्तराखंड में ‘सहकारिता सप्ताह-2026’ का शुभारंभ हो गया है। प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को पौड़ी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से सप्ताहभर चलने वाले इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।
सहकारिता सप्ताह के तहत आगामी 6 जुलाई तक प्रदेश की सभी 670 बहुउद्देशीय सहकारी समितियों, राज्य एवं जिला सहकारी बैंकों तथा अन्य सहकारी संस्थाओं में जनजागरूकता, जनसहभागिता और प्रशिक्षण आधारित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा और ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में पैक्स के कम्प्यूटरीकरण, विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना तथा किसानों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाने जैसे कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सहकारिता को गांव-गांव तक पहुंचाकर किसानों, महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के एक लाख युवाओं को सहकारिता आंदोलन से जोड़कर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि प्रदेश की सहकारी समितियों को डिजिटल और आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। किसानों को ब्याजमुक्त ऋण, विपणन सुविधाएं, आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही प्रगतिशील किसानों के अध्ययन भ्रमण, किसान सम्मेलन और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेशभर की सहकारी समितियों के माध्यम से व्यापक वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा।
वहीं देहरादून स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपर निबंधक सहकारिता ईरा उप्रेती, संयुक्त निबंधक एम.पी. त्रिपाठी एवं रमेंद्री मंद्रवाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘सहकारिता सप्ताह’ की शपथ दिलाई तथा सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दिलाया।
प्रदेश स्तरीय नोडल अधिकारी एवं संयुक्त निबंधक सहकारिता एम.पी. त्रिपाठी ने बताया कि सप्ताहभर चलने वाले कार्यक्रमों के दौरान सहकारिता जागरूकता अभियान, महिला एवं युवा सहभागिता कार्यक्रम, विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में कार्यशालाएं, सहकारी संवाद, डिजिटल सेवा विस्तार तथा सोशल मीडिया आउटरीच जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिससे सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त एवं जनोन्मुखी बनाया जा सके।
Reported By: Arun Sharma











Discussion about this post