उत्तराखंड शासन के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक कठिन उस सफलता के शिखर पर लंबे समय तक बने रहना है। उन्होंने छात्रों से मौलिकता, आजीवन सीखने की प्रवृत्ति और मित्रता जैसे मानवीय मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया।
डॉ. पांडेय देहरादून स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में यूकॉस्ट, दिव्य हिमगिरी और डीआईटी यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छठे आईसीएसई एवं सीबीएसई स्कूल टॉपर्स कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने टॉपर्स और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि एक अभिभावक होने के नाते वह बच्चों की सफलता का गर्व भलीभांति समझते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र की उपलब्धि के पीछे शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।
टॉपर्स से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि यह जीवन की शुरुआत है और आगे उन्हें अनेक लक्ष्य हासिल करने हैं। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि स्कूल में टॉप करने के बावजूद अपने दोस्तों का साथ कभी न छोड़ें, चाहे वे पढ़ाई में पीछे क्यों न रह गए हों। उन्होंने कहा कि आज के दौर में अकेलेपन की समस्या बढ़ रही है और सच्चे दोस्त स्कूली जीवन में ही बनते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए डॉ. पांडेय ने कहा कि भविष्य उसी का होगा, जिसके पास मौलिक सोच होगी। उन्होंने छात्रों से तकनीक का बेहतर उपयोग करने के साथ-साथ लाइफ लॉन्ग लर्निंग पर निरंतर ध्यान देने का आग्रह किया।
डीआईटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जी. रघुराम ने कहा कि 21वीं सदी में शिक्षा के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। अब यह मायने नहीं रखता कि शिक्षा कहाँ से प्राप्त की गई, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि क्या सीखा और कितनी गहराई से ज्ञान अर्जित किया गया।
आईआईपी के निदेशक डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट ने कविता के माध्यम से छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने में आज के टॉपर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कॉन्क्लेव में 31 स्कूलों के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 306 विद्यार्थियों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के साथ सम्मान-पत्र प्रदान किए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 31 स्कूलों को भी ‘बेस्ट स्कूल अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) दुर्गेश पंत ने कहा कि देहरादून में देश के 30 से अधिक प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान हैं और अगले वर्ष तक यहां देश की पांचवीं साइंस सिटी भी तैयार हो जाएगी। उन्होंने छात्रों से इन संस्थानों का भ्रमण कर विज्ञान और शोध के प्रति रुचि विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को प्रिंसिपल्स प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप और दून इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन डॉ. डी.एस. मान ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. कुँवर राज अस्थाना ने स्वागत भाषण देते हुए कॉन्क्लेव की रूपरेखा और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर अतिथियों ने 31 स्कूलों के परिणामों पर आधारित टॉपर्स कॉन्क्लेव स्मारिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन यूकॉस्ट के संयुक्त निदेशक डॉ. डी.पी. उनियाल ने किया, जबकि संचालन वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. ओ.पी. नौटियाल ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य, प्रबंधन प्रतिनिधि, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।












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