उत्तराखंड में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित प्रमाणपत्रों को लेकर सामने आए फर्जीवाड़े के मामलों के बीच उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। UKD के केंद्रीय महामंत्री एवं प्रवक्ता देवचंद उत्तराखंडी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है और अब स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर भी अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
देवचंद उत्तराखंडी ने कहा कि यह बेहद गंभीर और दुखद स्थिति है कि जिन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश के लिए संघर्ष किया, उनके नाम से जुड़े लाभों में भी कथित फर्जीवाड़े के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताया जा रहा है, उसकी उम्र और उसके आश्रितों से जुड़े रिकॉर्ड की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति वास्तविक रूप से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहा होगा तो आज उसकी उम्र स्वाभाविक रूप से काफी अधिक होनी चाहिए। ऐसे में जिन लोगों को उनके आश्रित के रूप में लाभ दिया जा रहा है, उनकी उम्र और निवास संबंधी दस्तावेजों की जांच जरूरी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में संबंधित आश्रितों का पता उत्तराखंड से बाहर का सामने आ रहा है।
हाल ही में देहरादून में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान चार प्रमाणपत्र निरस्त किए गए और इनके आधार पर हुए एमबीबीएस दाखिले भी रद्द किए गए। इसके बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने की कार्रवाई भी सामने आई है।
UKD नेता ने मांग की कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्रों से जुड़े सभी संदिग्ध मामलों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी व्यवस्था में कहीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाभ दिया गया है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
देवचंद उत्तराखंडी ने भाजपा सरकार से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस्तीफा नहीं देती है तो आगामी विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
देवचंद उत्तराखंडी, केंद्रीय महामंत्री एवं प्रवक्ता, UKD
Reported By: Shiv Narayan











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