भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ के खिलाफ देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। भारी बारिश के बावजूद कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला, नारेबाजी की और गांधी पार्क के पास ट्रंप का पुतला फूंका।
वक्ताओं ने इस टैरिफ को भारत की स्वतंत्र विदेश नीति पर “आर्थिक दंड” और “राजनीतिक दबाव” बताया, खासकर रूस से तेल आयात जारी रखने के निर्णय के संदर्भ में। उन्होंने कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और भारत की ऊर्जा सुरक्षा व राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है।
सीपीएम नेताओं ने चेतावनी दी कि टैरिफ से टेक्सटाइल, फार्मा और जेम्स-ज्वेलरी जैसे श्रम-प्रधान उद्योग प्रभावित होंगे, जिससे GDP में 0.2–0.4% तक गिरावट आ सकती है। उन्होंने सरकार से मजदूरों और छोटे उद्योगों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने, BRICS जैसे समूहों से संबंध मजबूत करने और डॉलर पर निर्भरता घटाने की मांग की।
वक्ताओं ने केंद्र सरकार की “अमेरिका-समर्थक” नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि चीन और रूस के साथ त्रिपक्षीय सहयोग को बढ़ावा दिया जाए। प्रदर्शन में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया और अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ जन आंदोलन तेज करने का आह्वान किया।
Reported By: Shiv Narayan














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