उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में गश्त के दौरान एक दैनिक श्रमिक पर बाघ ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद साथी कर्मचारियों ने साहस का परिचय देते हुए श्रमिक को बाघ के चंगुल से छुड़ाया और तत्काल रामनगर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा और पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह रामनगर के सरकारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल कर्मचारी और उसके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा आवश्यक सहायता का भरोसा दिलाया।
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उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने बताया कि ग्राम सुंदरखाल निवासी 32 वर्षीय पीतांबर, जो कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में दैनिक श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं, अपने तीन अन्य साथियों के साथ सर्पदुली रेंज में नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान जंगल में अचानक एक बाघ ने उन पर हमला कर दिया और गंभीर रूप से घायल कर दिया।
उन्होंने बताया कि साथ मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए पीतांबर को बाघ के चंगुल से छुड़ाया और उपचार के लिए रामनगर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। साथ ही घटना की सूचना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।
बाघ के हमले में पीतांबर के गले और शरीर के अन्य हिस्सों पर नाखूनों के गहरे घाव आए हैं। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है, हालांकि बेहतर उपचार के लिए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है।
घटना के बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है। साथ ही कर्मचारियों को जंगल में गश्त के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग मामले की समीक्षा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कह रहा है।
राहुल मिश्रा
उपनिदेशक सीटीआर।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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