
उत्तराखण्ड राज्य गठन के पच्चीस वर्ष पूरे होने के अवसर पर दो दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है जहाँ एक ओर विशेष सत्र को लेकर सत्ता पक्ष उत्सुक है वही विपक्ष को यह सत्र नागवार लग रहा है कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि जिस तरह से प्रदेश ने आपदाओं का दौर झेला उन सब विषयो के साथ महिला अपराध, बच्चो के अपहरण, गन्ने के मूल से सेब के किसानो तक की आवाज़ को व तमाम विषयों को उठाने के लिए यह दो दिन का विशेष सत्र कम है सरकार विपक्ष को बोलने का मौका ही नही देना चाह रही है….
वही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की बातों पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र प्रसाद भट्ट ने कहा कि इस विशेष सत्र में सभी पक्ष विपक्ष एकत्रित हुआ है, बेहतर है की राज्य के पच्चीस वर्ष पूरे होने पर राज्य को क्या क्या प्राप्त हुआ उसपर चर्चा होनी चाहिए, मूल रूप समस्याओं को लेकर चर्चा की जानी चाहिए उन्होंने कांग्रेस के नेताओं से अपील भी करी है की इस सत्र को वह राजनितिक चश्मे से ना देखकर राज्य हित में क्या क्या कार्य भविष्य होने चाहिए उस पर चर्चा की जानी चाहिए और यदि कांग्रेस के नकारात्मक तत्व इन बातो को नही समझ रहे है तो इससे हानि कांग्रेस को ही होगी।
करन माहरा, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
महेन्द्र प्रसाद भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
Reported By: Abhinav Naik













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