हरिद्वार। गंगा कॉरिडोर परियोजना में लघु व्यापारियों के हितों को सुरक्षित रखने की मांग को लेकर लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने नगर आयुक्त नंदन कुमार के साथ बैठक की। प्रदेश अध्यक्ष संजय चोपड़ा के नेतृत्व में हुई बैठक में व्यापारियों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया।
बैठक में मांग की गई कि आगामी गंगा कॉरिडोर परियोजना के तहत फुटपाथ पर कारोबार करने वाले रेड़ी-पटरी लघु व्यापारियों को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना और उत्तराखंड शासन की नगरीय फेरी नीति नियमावली के तहत अलग से वेंडिंग जोन बनाकर व्यवस्थित किया जाए। साथ ही पूर्व में चिन्हित सभी 12 वेंडिंग जोन में स्थानीय रेड़ी-पटरी व्यापारियों को समाहित कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा के साथ स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग की गई।
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वर्ष 2018 में पंजीकृत सभी रेड़ी-पटरी स्ट्रीट वेंडर्स का प्रशिक्षण कराकर उन्हें व्यवस्थित करने की कार्रवाई प्रक्रिया में है। उन्होंने बताया कि रोड़ी बेलवाला, पंतद्वीप पार्किंग सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में नए वेंडिंग जोन चिन्हित करने का काम किया जा रहा है।
नगर आयुक्त ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स और लघु व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए अगले सप्ताह फेरी समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए आवश्यक नियम और योजनाएं तैयार की जाएंगी।
इस अवसर पर लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने कहा कि उत्तरी हरिद्वार के भीमगोड़ा, खड़खड़ी, भूपतवाला, पंतद्वीप पार्किंग, पावनधाम और सर्वानंद घाट समेत अन्य क्षेत्रों के रेड़ी-पटरी लघु व्यापारियों का कुंभ मेला 2027 से पहले नया सर्वे कराया जाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि रेलवे रोड, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के बाहर कारोबार करने वाले रेड़ी-पटरी व्यापारियों को नगर निगम की ओर से ड्रेस कोड और रेड़ी की नई पहचान उपलब्ध कराकर उत्तराखंड नगरीय फेरी नीति नियमावली के अनुसार व्यवस्थित किया जाना चाहिए।
संजय चोपड़ा ने कहा कि पूर्व में चिन्हित सभी वेंडिंग जोन में पटरी और नगर निगम में पंजीकृत लाइसेंसधारी रेड़ी-पटरी व्यापारियों की सूची अंकित की जानी चाहिए। इससे अनावश्यक रूप से लघु व्यापारियों के शोषण और उत्पीड़न पर रोक लगाई जा सकेगी।
बैठक में लघु व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई और कहा कि कुंभ मेला 2027 से पहले रेड़ी-पटरी व्यापारियों के पुनर्व्यवस्थापन की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।
Reported By: Arun Sharma












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