एम्स ऋषिकेश में इलाज के लिए पहुंची एक महिला का आईफोन, नकदी और जरूरी दस्तावेजों से भरा पर्स सुरक्षा कर्मी ने सुरक्षित लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की। पिछले एक वर्ष के दौरान संस्थान के सुरक्षा कर्मी कई बार मरीजों और तीमारदारों का खोया कीमती सामान लौटाकर अपनी जिम्मेदारी और ईमानदारी का परिचय दे चुके हैं। विभाग की ओर से ऐसे कर्मचारियों को समय-समय पर सम्मानित भी किया जाता है।
जानकारी के अनुसार मनीराम मार्ग, ऋषिकेश निवासी शिवानी भटनागर 11 सितंबर को एम्स की यूरोलॉजी ओपीडी में स्वास्थ्य परामर्श के लिए पहुंची थीं। अस्पताल से घर लौटते समय वह अपना लेडीज पर्स ओपीडी क्षेत्र में ही भूल गईं। ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी दिलवर सिंह को पर्स मिला। उन्होंने ओपीडी में मौजूद लोगों से पर्स के मालिक के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर पर्स को सुरक्षा कंट्रोल रूम में जमा करा दिया।
अगले दिन महिला अपना पर्स खोने की जानकारी देने एम्स के सुरक्षा विभाग पहुंचीं। आवश्यक पूछताछ और पहचान संबंधी जानकारी लेने के बाद सुरक्षा विभाग ने पर्स उन्हें सकुशल वापस कर दिया। पर्स में कीमती आईफोन, करीब 2300 रुपये नकद और महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे।
संस्थान के उप मुख्य सुरक्षा अधिकारी एवं सहायक कमांडेंट अनिल चंद्र ने बताया कि सुरक्षा कर्मी दिलवर सिंह की ईमानदारी के चलते महिला का सामान सुरक्षित वापस मिल सका। महिला ने सुरक्षा कर्मी समेत पूरे सुरक्षा विभाग का आभार जताया और उनकी ईमानदारी की सराहना की।
पहले भी कई लोगों का लौटाया कीमती सामान
एम्स सुरक्षा विभाग के अनुसार इससे पहले भी सुरक्षा कर्मियों ने कई मरीजों और तीमारदारों का खोया सामान सुरक्षित लौटाया है। इसी वर्ष 11 अप्रैल को इमरजेंसी येलो एरिया में मुजफ्फरनगर निवासी बबीता का खोया मंगलसूत्र लौटाया गया था।
10 मई को बरेली निवासी धर्मेंद्र सिंह का गेट नंबर-3 पर खोया बैग, मोबाइल फोन और कपड़ों का सामान सुरक्षित वापस किया गया। 29 जून को ट्रॉमा इमरजेंसी के रेडियोलॉजी क्षेत्र में मरीज का खोया नोकिया मोबाइल फोन लौटाया गया। वहीं 23 जुलाई को अस्पताल की चौथी मंजिल पर हरिद्वार निवासी अरविंद कुमार का खोया बैग भी सुरक्षा कर्मियों ने बरामद कर उन्हें सौंपा। बैग में नकदी के अलावा एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस समेत जरूरी दस्तावेज थे।
सुरक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले सुरक्षा कर्मियों को समय-समय पर सम्मानित किया जाता है, ताकि अन्य कर्मचारियों को भी अपनी जिम्मेदारी के प्रति प्रेरणा मिल सके।
Reported By: Arun Sharma












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