गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, कन्या गुरुकुल परिसर, सेवक आश्रम रोड में यूथ रेडक्रॉस सोसायटी और सिविल डिफेंस के संयुक्त तत्वावधान में चार दिवसीय विशेष आपदा प्रबंधन एवं फर्स्ट एड प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित डॉ. अनिल वर्मा (मास्टर ट्रेनर, आपदा प्रबंधन, यूथ रेडक्रॉस) ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहद संवेदनशील है, इसलिए पूर्व तैयारी, प्रशिक्षण और जागरूकता ही जान-माल की हानि को कम कर सकती है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को भूकंप, भूस्खलन, बादल फटना, त्वरित बाढ़ और बिजली गिरने जैसी आपदाओं से बचाव के उपाय सिखाए। प्रशिक्षण में टो-ड्रैग, मंकी क्रॉल, फायरमैन लिफ्ट, रोप रेस्क्यू तकनीक सहित विभिन्न आपातकालीन बचाव विधियों और सीपीआर जैसी जीवन रक्षक प्राथमिक चिकित्सा तकनीकों का प्रायोगिक अभ्यास कराया गया।

शिविर निदेशक एवं सिविल डिफेंस डिप्टी कंट्रोलर एस. के. साहू ने कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रशासन के साथ-साथ प्रशिक्षित युवाओं की भूमिका बेहद अहम है। कार्यक्रम सह-समन्वयक डॉ. अर्चना डिमरी ने बताया कि प्रशिक्षण के साथ ही नशामुक्ति, एड्स नियंत्रण, रक्तदान-नेत्रदान-देहदान, सड़क सुरक्षा, डेंगू, एनीमिया आदि सामाजिक विषयों पर भी जागरूकता व्याख्यान आयोजित किए गए।
शिविर के दौरान छात्राओं व सिविल डिफेंस वार्डनों ने बचाव तकनीकों का कुशल प्रदर्शन कर अपनी तैयारियों का परिचय दिया। इस प्रशिक्षण शिविर ने युवाओं में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार किया।
Reported By: Shiv Narayan














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