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पर्यावरण संरक्षण मंत्री राम सिंह कैड़ा ने विभागीय समीक्षा बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में सूखते जल स्रोतों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पुराने नौले, गाड़-गधेरों के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करना जरूरी है।
मंत्री ने पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक से अधिक वृक्षारोपण पर बल देते हुए कहा कि इससे न केवल पर्यावरण संतुलन बना रहेगा, बल्कि जल स्रोतों का पुनर्भरण भी संभव होगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पर्यावरण नियमों का कहीं भी उल्लंघन न हो और इसके लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ समय पर कड़ी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।
Reported By: Arun Sharma












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