काशीपुर के पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में आज एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिसने हर आंख को नम कर दिया और दिल को गर्व से भर दिया।
शरीर भले ही कमजोर हो, लेकिन लोकतंत्र में आस्था इतनी मजबूत कि दिव्यांग मतदाता अपनों का सहारा लेकर पोलिंग बूथ तक पहुंचे और अपने वोट का इस्तेमाल किया। कोई व्हीलचेयर पर बैठा, तो कोई बैसाखियों के सहारे — लेकिन हर एक चेहरा उत्साह और संकल्प से भरा हुआ था। कुछ पोलिंग बूथों पर जहां प्रशासन ने रैंप और मददगार स्टाफ की व्यवस्था की, वहीं कुछ स्थानों पर इन मतदाताओं ने बिना किसी सहायता के भी बूथ तक का सफर तय किया। यह सिर्फ एक वोट डालना नहीं था, यह लोकतंत्र के प्रति उनके मजबूत भरोसे की कहानी थी।
समाज में अक्सर जिन्हें ‘कमज़ोर’ माना जाता है, आज उन्हीं ने सबसे बड़ा संदेश दे दिया कि सच्चा मतदाता वही है जो हर हाल में अपना अधिकार निभाए। इनकी मौजूदगी ने मतदान केंद्रों पर मौजूद सभी लोगों को प्रेरणा दी। जो लोग छोटी-छोटी वजहों से वोट डालने से बचते हैं, उनके लिए यह एक करारा जवाब था।
जब एक व्हीलचेयर पर बैठी महिला ने कहा कि “जब देश हमारा है तो फैसला भी हमारा होगा”, तो बूथ पर तालियों की गूंज उठी। लोकतंत्र को मजबूती देने वाले ये दिव्यांग मतदाता आज सच्चे नायक बनकर उभरे हैं, जिन्होंने अपने साहस से यह साबित कर दिया कि हौसले हों तो कोई भी दीवार रास्ता नहीं रोक सकती।
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दिव्यांग मतदाता
Reported By: Praveen Bhardwaj












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