एम्स ऋषिकेश में शल्य चिकित्सा सेवाओं के निरंतर विस्तार के साथ माइनर और मेजर ऑपरेशनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। संस्थान में अब तक 1.59 लाख से अधिक छोटे-बड़े ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं, जो इसकी बढ़ती क्षमता और विश्वसनीयता को दर्शाता है।
अस्पताल में वर्ष 2013 में ओपीडी सेवाएं शुरू की गईं, जबकि 2014 से सामान्य और सुपरस्पेशलिटी शल्य चिकित्सा सेवाओं की शुरुआत हुई। शुरुआती दौर में जहां 2014 में केवल 867 ऑपरेशन किए गए थे, वहीं 2025-26 तक यह आंकड़ा डेढ़ लाख से अधिक पहुंच गया है।
संस्थान में वर्तमान में डेढ़ दर्जन से अधिक विभागों में सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनमें गाइनकोलॉजी, ईएनटी, जनरल सर्जरी, नेत्र रोग, ऑर्थोपेडिक्स के साथ-साथ न्यूरो सर्जरी, सीटीवीएस और पीडियाट्रिक सर्जरी जैसी सुपरस्पेशलिटी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा समय के साथ बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी, यूरोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, ट्रॉमा सर्जरी और गैस्ट्रो सर्जरी जैसी उन्नत सेवाएं भी शुरू की गईं।
एम्स ऋषिकेश में मरीजों की बढ़ती संख्या का प्रमुख कारण यहां उपलब्ध उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और किफायती उपचार सुविधाएं हैं। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, बीपीएल और गोल्डन कार्ड जैसी सरकारी योजनाओं के माध्यम से मरीजों को निशुल्क या रियायती उपचार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
इन सभी प्रयासों के चलते एम्स ऋषिकेश आज उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देशभर के मरीजों के लिए एक भरोसेमंद और उन्नत स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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