रुड़की तहसील परिसर में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड किसान मोर्चा ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। किसान नेताओं ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर गुरुवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने की अध्यक्षता सुभाष चौधरी ने की, जबकि संचालन दीपक पुंडीर ने किया। इस दौरान किसानों ने इकबालपुर चीनी मिल पर लंबे समय से बकाया गन्ने के भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। किसानों का कहना है कि भुगतान लंबित होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और परिवार की जरूरतें पूरी करने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलशन रोड ने सरकार पर किसानों की अनदेखी और उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों के प्रमुख मुद्दों को लेकर यह आंदोलन शुरू किया गया है और मांगें पूरी होने तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
स्मार्ट मीटर पर रोक और मुफ्त बिजली की मांग
धरने के दौरान किसानों ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने पर रोक लगाने की मांग की। इसके अलावा सुरक्षा के नाम पर की जा रही कथित वसूली को बंद करने और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर किसानों के ट्यूबवेलों की बिजली मुफ्त करने की मांग भी उठाई गई।
किसानों ने हरिद्वार जिले के लोगों को मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी। इसके साथ ही आगामी गन्ना सीजन के लिए गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की गई।
किसान नेताओं का कहना है कि लंबे समय से कई समस्याएं लंबित हैं, लेकिन समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। इसी के चलते किसानों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
चौधरी गुलशन रोड ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर यह अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया गया है। जब तक सरकार और प्रशासन किसानों की समस्याओं पर ठोस निर्णय नहीं लेते, तब तक तहसील परिसर में धरना जारी रहेगा। अब किसानों के आंदोलन के बीच प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
गुलशन रोड (राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तराखंड किसान मोर्चा)
Reported By: Praveen Bhardwaj












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