क्लिनिकल नर्सों में अनुसंधान संबंधी ज्ञान एवं कौशल को सुदृढ़ करने तथा साक्ष्य-आधारित नर्सिंग प्रैक्टिस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम्स ऋषिकेश में सोमवार से पांच दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला के पहले दिन विशेषज्ञों ने एविडेंस-बेस्ड प्रैक्टिस को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इसे दैनिक नर्सिंग कार्यों में अपनाने पर बल दिया।
क्लिनिकल नर्सों के लिए आयोजित ‘रिसर्च मेथडोलॉजी’ विषयक इस कार्यशाला का उद्घाटन संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने किया। इस अवसर पर उन्होंने एविडेंस-बेस्ड प्रैक्टिस विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि रोगियों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रमाण आधारित उपचार पद्धतियों को नर्सिंग प्रैक्टिस का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि साक्ष्य-आधारित अभ्यास ऐसी प्रक्रिया है, जो चिकित्सकीय निर्णयों को अधिक प्रभावी और रोगी-केंद्रित बनाती है तथा उपचार की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित करती है।
उद्घाटन समारोह में डीन एकेडमिक प्रो. सौरभ वाष्र्णेय, डीन रिसर्च प्रो. शैलेंद्र कुमार हांडू तथा कॉलेज ऑफ नर्सिंग के फैकल्टी सदस्य डॉ. जेवियर बेंसियाल सहित कई वरिष्ठ चिकित्सकों एवं शिक्षकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्य नर्सिंग अधिकारी डॉ. अनिता रानी कंसल ने बताया कि यह कार्यशाला संस्थान की नर्सिंग सर्विसेज के कंटिन्यूइंग नर्सिंग एजुकेशन (सीएनई) सेल द्वारा आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि “रिसर्च मेथडोलॉजी फ्रॉम प्रपोजल टू पब्लिकेशन” विषय पर आधारित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अगले पांच दिनों तक चलेगा।
उन्होंने कहा कि कार्यशाला के दौरान रिसर्च मेथडोलॉजी, वैज्ञानिक लेखन, शोध प्रकाशन और अनुसंधान से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा अकादमिक एवं इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य क्लिनिकल नर्सों की शोध क्षमता को विकसित करना तथा उन्हें नर्सिंग रिसर्च और एविडेंस-बेस्ड हेल्थकेयर प्रैक्टिस में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है।
एम्स ऋषिकेश का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल नर्सिंग पेशेवरों के ज्ञान और कौशल को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और वैज्ञानिक आधार पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
Reported By: Arun Sharma












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