
युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश देने के लिए हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में चार दिवसीय पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। “नशा के विरुद्ध पदयात्रा, युद्ध नशे के विरुद्ध” अभियान 22 अक्टूबर से शुरू होकर 25 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान के माध्यम से युवाओं, परिवारों और समाज के लोगों से नशे के खिलाफ एकजुट होने की अपील की जाएगी।
पदयात्रा का शुभारंभ 22 अक्टूबर को सुबह नौ बजे कोटाबाग के बाजुनियाहल्दू से होगा। पहले दिन यात्रा मयारामपुर तक पहुंचेगी। इसके बाद 23 अक्टूबर को गेबुआ से धमौला, जबकि 24 अक्टूबर को धमौला से चकलुवा तक पदयात्रा निकाली जाएगी।
अभियान के अंतिम दिन 25 अक्टूबर को रामपुर रोड स्थित गन्ना सेंटर, हल्द्वानी से पदयात्रा आगे बढ़ेगी और कमलुआगांजा रोड स्थित श्री रघुनाथ बैंक्वेट हॉल पहुंचेगी। यहां दोपहर दो बजे आयोजित समारोह के साथ अभियान का समापन किया जाएगा।
नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास की अपील
आयोजक और समाजसेवी गुंजन तिवारी ने लोगों से इस जन-जागरूकता अभियान में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने नशे के खिलाफ सामूहिक संकल्प लेने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
अभियान से जुड़ी अपील में कहा गया है कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर भी इसका असर पड़ता है। नशे की लत परिवारों में तनाव और कई सामाजिक समस्याओं का कारण बन सकती है। ऐसे में युवाओं को जागरूक करना और उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना जरूरी है।
चार दिनों तक चलने वाली यह पदयात्रा नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने की पहल है। आयोजकों का उद्देश्य जागरूकता का संदेश हर घर और हर युवा तक पहुंचाना है, ताकि आने वाली पीढ़ी को नशे के दुष्परिणामों से बचाने के लिए समाज मिलकर प्रयास कर सके।
गुंजन तिवारी, समाजसेवी एवं आयोजक।
Reported By: Praveen Bhardwaj














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