जीएसटी 2.0, जो 22 सितंबर 2025 से 396 वस्तुओं पर लागू होगा, भारत के अप्रत्यक्ष कर ढांचे में एक महत्वपूर्ण सुधार है। इससे वस्तुओं और सेवाओं की घरेलू मांग को बढ़ावा मिलेगा, कोर मुद्रास्फीति को कम करने में सहयोग होगा तथा बढ़ी हुई डिस्पोजेबल आय और बेहतर अनुपालन के माध्यम से आर्थिक विकास को बढ़ावा प्राप्त होगा।
इस सुधार से बैंकिंग क्षेत्र को काफी फायदा होगा, जिसमें विशेष रूप से रीटेल, कृषि, एमएसएमई (MSME) और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में ऋण की मांग में वृद्धि होने की आशा है।
केंद्रीय बजट में घोषित उपायों ने विकास को सक्षम बनाया है और लोगों की डिस्पोजेबल आय में वृद्धि की है। अब, विकास के सूत्रधार के रूप में, पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी), ऋण दरो में कटौती के अलावा, अपने डिजिटल प्लेटफार्मों पर नए उत्पादों और बेहतर प्रक्रियाओं के माध्यम से ऋण देने के लिए तैयार है।
Reported By: Shiv Narayan














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