भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने संसद में सहकारी समितियों पर जीएसटी दरों के तर्कसंगतीकरण के प्रभाव को लेकर अतारांकित प्रश्न उठाया। उन्होंने डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि एवं ग्रामीण उद्यमों से जुड़ी सहकारी समितियों तथा स्वयं सहायता समूहों की आय पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन किए जाने के संबंध में केंद्र सरकार से जानकारी मांगी।
इस पर केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर देते हुए बताया कि जीएसटी दरों में कमी से सहकारी क्षेत्रों को व्यापक लाभ मिलेगा। डेयरी क्षेत्र में दूध और पनीर को जीएसटी से मुक्त किया गया है, जबकि मक्खन, घी और चीज पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे डेयरी उत्पाद सस्ते होंगे और किसानों की आय बढ़ेगी। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी अधिकांश उत्पादों पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे मांग और सहकारी समितियों का राजस्व बढ़ने की संभावना है।
कृषि एवं ग्रामीण उद्यम क्षेत्र में उर्वरकों, जैव कीटनाशकों और ट्रैक्टर से जुड़े उपकरणों पर जीएसटी में बड़ी कटौती की गई है, जिससे किसानों की लागत घटेगी और जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री ने कहा कि जीएसटी दरों में कमी से सहकारी उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, बाजार हिस्सेदारी मजबूत होगी और सदस्यों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा। इससे महिला स्वयं सहायता समूहों और छोटे किसानों को भी आय के नए अवसर प्राप्त होंगे।
Reported By: Arun Sharma












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