उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष Sanjay Negi की अध्यक्षता में आयोग कार्यालय में विभिन्न शिकायतों से जुड़े मामलों की सुनवाई आयोजित की गई। सुनवाई के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से संबंधित कुल 10 मामलों पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सुनवाई के दौरान आयोग अध्यक्ष ने सभी शिकायतकर्ताओं का पक्ष गंभीरता से सुना और विभागीय अधिकारियों से मामलों की वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की। टिहरी गढ़वाल निवासी श्रीमती नंदिनी गुसाईं के भूमि कब्जे से जुड़े मामले में पुलिस विभाग ने आयोग को बताया कि मामला सिविल प्रकृति का है। आयोग को अवगत कराया गया कि भूमि की स्थिति स्पष्ट होने और सक्षम मजिस्ट्रेट के आदेश प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शिकायतकर्ता को सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया।
देहरादून निवासी सरोज कुमार के सामान वापस दिलाने से जुड़े मामले में आयोग ने पुलिस विभाग को दोनों पक्षों को सुनकर 15 दिनों के भीतर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं हरिद्वार निवासी सतीश कुमार के नियुक्ति और वेतन भुगतान संबंधी मामले में आयोग ने Uttarakhand Forest Development Corporation को शिकायतकर्ता के मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा।
हरिद्वार निवासी अहसान अंसारी द्वारा सरकारी राशन की दुकान खोले जाने संबंधी शिकायत पर आयोग ने खाद्य विभाग को सकारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही आयोग सदस्य Sajjad Ahmad को जिला पूर्ति अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर मामले के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
देहरादून निवासी वासुदेव कुशवाहा के एसजीएचएस कटौती प्रकरण में आयोग ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी विभागों को योजना संबंधी जानकारी व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
पुरानी पेंशन, नियुक्ति और धोखाधड़ी से जुड़े अन्य मामलों में भी आयोग ने संबंधित विभागों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जिन मामलों में प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन पाए गए, उन्हें नियमानुसार निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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