
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) की कार्यप्रणाली और कथित अनियमितताओं के विरोध में जन अधिकार पार्टी जनशक्ति ने रोशनाबाद स्थित UPCL के चीफ इंजीनियर कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भंडारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रबंध निदेशक पीएस ध्यानी का पुतला दहन किया और मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान हेमा भंडारी ने आरोप लगाया कि हरिद्वार में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली से आम उपभोक्ता परेशान हैं। उन्होंने कहा कि बिजली बिलों में अधिक सरचार्ज, अघोषित बिजली कटौती और कथित अवैध छापेमारी को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। पार्टी का कहना है कि इन मुद्दों को लेकर पहले भी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के स्तर पर शिकायतें की गई हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
SDO की लंबे समय से तैनाती का मामला उठाया
हेमा भंडारी ने हरिद्वार में तैनात SDO अनीता सैनी की एक ही क्षेत्र में लंबे समय से तैनाती का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि अनीता सैनी करीब 20 वर्षों से एक ही क्षेत्र में तैनात हैं, जो स्थानांतरण अधिनियम-2017 के प्रावधानों के विपरीत है। उन्होंने लाइनमैन इरफान की बहाली प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की।
पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि इस संबंध में UPCL के प्रबंध निदेशक को पूर्व में कई शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। हेमा भंडारी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी हरिद्वार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में बिजली बिलों में सरचार्ज के नाम पर कथित अनियमितताओं की जांच, अघोषित बिजली कटौती पर रोक, अवैध छापेमारी की शिकायतों की जांच और SDO अनीता सैनी की लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनाती की जांच की मांग की गई।
इसके अलावा लाइनमैन की बहाली प्रक्रिया से संबंधित शिकायत की जांच कराने और पूर्व में UPCL प्रबंध निदेशक को दी गई शिकायतों पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी की गई।
जन अधिकार पार्टी जनशक्ति ने पूरे मामले की विभागीय जांच कराकर यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा लंबे समय से तैनात अधिकारियों के स्थानांतरण की मांग की है।
Reported By: Arun Sharma













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