प्रदेश सरकार जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक बार फिर ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई से 15 दिनों तक इस विशेष अभियान के संचालन के निर्देश दिए हैं। अभियान के तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उनकी मंशा है कि अधिकारी स्वयं जनता के बीच पहुंचकर शिकायतों का निस्तारण करें और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाएं।
इसी सोच के अनुरूप प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष दिसंबर में 45 दिनों का ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान संचालित किया था, जिसे व्यापक जनसमर्थन मिला। अब मुख्यमंत्री के कार्यकाल के सफल पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर 4 जुलाई से शुरू होने वाले ‘सेवा पखवाड़ा’ के तहत इस अभियान को फिर से शुरू किया जा रहा है।
अभियान के दौरान जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे और मौके पर ही जन शिकायतों का समाधान करने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।
पिछले अभियान में 5 लाख से अधिक लोगों ने लिया था हिस्सा
सरकार के अनुसार, पिछले वर्ष दिसंबर में शुरू किए गए 45 दिवसीय अभियान के दौरान प्रदेशभर में 681 शिविरों का आयोजन किया गया था। इनमें 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जबकि करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया। जनसहभागिता और त्वरित समस्या निस्तारण के कारण इस पहल को सुशासन (गुड गवर्नेंस) की एक प्रभावी और सफल पहल के रूप में भी सराहा गया।
प्रदेश सरकार का कहना है कि इस बार भी अभियान के माध्यम से आम जनता को घर के नजदीक ही सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
Reported By: Praveen Bhardwaj











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