
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और लिव-इन रिलेशनशिप कानून को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) सदस्य करन माहरा ने इस मुद्दे पर सरकार और सत्तारूढ़ दल पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन यह सभी धर्मों और नागरिकों को स्वीकार्य होनी चाहिए।
लिव-इन रिलेशनशिप के अनिवार्य पंजीकरण पर आपत्ति जताते हुए करन माहरा ने कहा कि भाजपा के विधायक और सांसद यह स्पष्ट करें कि क्या वे अपने परिवार की महिलाओं को बिना विवाह लिव-इन में रहने की अनुमति देंगे। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि इस संबंध में शपथ पत्र दिया जाए तो स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इसके साथ ही उन्होंने धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दे पर भी चिंता जताई। करन माहरा ने कहा कि हरिद्वार के बाद अब चारधाम में भी गैर-स्थानीय लोगों के प्रवेश को लेकर मांग उठ रही है, जिससे राज्य में सामाजिक और राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।
करन माहरा ,पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
Reported By: Shiv Narayan













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