
उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दौरान कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सियासत गरमा गई। विपक्ष ने सदन में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरते हुए मंत्री रेखा आर्य की संपत्ति की जांच कराने की मांग उठाई। वहीं, रेखा आर्य ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए पलटवार किया और कहा कि किसी पर भी आरोप लगाने से पहले उसके प्रमाण होने चाहिए।
दरअसल, विधानसभा सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरते हुए हंगामा किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले को भी उठाया गया। विपक्ष ने आरोपों का हवाला देते हुए सरकार से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की।
विपक्ष की ओर से मंत्री रेखा आर्य की संपत्ति की जांच की मांग करते हुए उनके पति गिरधारीलाल साहू की ओर से लगाए गए कथित आरोपों का भी उल्लेख किया गया। विपक्ष ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।
रेखा आर्य बोलीं- निराधार आरोप लगाना गलत
अपने ऊपर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने इन्हें पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच सरकार में किस तरह भ्रष्टाचार होता था और टॉप-अप की बातें सामने आती थीं, यह सभी ने देखा है।
रेखा आर्य ने कहा कि जो लोग भ्रष्टाचार में लिप्त रहना चाहते थे, वे उस सरकार के साथ रहे, जबकि जो ऐसा नहीं करना चाहते थे, उन्होंने दल छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि किसी पर भी निराधार आरोप लगाना गलत है और आरोप लगाने वालों के पास उनके समर्थन में प्रमाण होने चाहिए।
जांच की मांग पर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
विधानसभा में इस मुद्दे के उठने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। विपक्ष मामले की जांच की मांग कर रहा है, जबकि मंत्री रेखा आर्य ने आरोपों को खारिज किया है। अब इस प्रकरण पर सरकार की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है और जांच की मांग पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
रेखा आर्य, कैबिनेट मंत्री
Reported By: Praveen Bhardwaj













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