उत्तराखंड कांग्रेस संगठन में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन कर दिया गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने कांग्रेस अध्यक्ष की संस्तुति के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी में कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव पदों पर नई नियुक्तियों को मंजूरी देते हुए तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद कांग्रेस ने इसे संगठन को मजबूत और अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में अहम कदम बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि संगठन में किए गए फेरबदल का उद्देश्य पार्टी को बूथ स्तर तक सशक्त करना और आगामी चुनावों के लिए तैयार करना है। उन्होंने दावा किया कि नई टीम के गठन से कांग्रेस और अधिक धारदार होगी तथा इससे भाजपा में घबराहट का माहौल है।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने संगठन को मजबूती देने और सभी स्तरों पर बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। उनका विश्वास है कि नई कार्यकारिणी के साथ कांग्रेस आगामी चुनावों में मजबूत प्रदर्शन करेगी।
प्रतिमा सिंह, प्रवक्ता कांग्रेस
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की नई कार्यकारिणी पर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन ने तंज कसते हुए कहा कि “देर आए, दुरुस्त आए”, लेकिन नई कार्यकारिणी में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन में विधायकों, पूर्व मंत्रियों और उनके करीबी नेताओं को प्राथमिकता दी गई है, जबकि लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि अनुसूचित वर्ग और अल्पसंख्यक समाज के बीच भी नई कार्यकारिणी को लेकर असंतोष देखा जा रहा है।
कमलेश रमन ने कहा कि यह कार्यकारिणी “खोदा पहाड़ निकली चुहिया” साबित होगी और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को अपने ही कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
कमलेश रमन, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा
नई कार्यकारिणी को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां कांग्रेस इसे संगठनात्मक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है, वहीं भाजपा इसे केवल पदों के बंटवारे तक सीमित बताते हुए इसके प्रभाव पर सवाल उठा रही है।
Reported By: Shiv Narayan












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