यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के महोबा में आयोजित तीन दिवसीय प्रादेशिक प्रतिनिधि सम्मेलन में पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। सम्मेलन में यूनियन ने नई श्रम संहिता के तहत परिभाषित सभी श्रमजीवी पत्रकारों को राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों को दी जा रही सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। सम्मेलन में प्रदेश के अधिकांश जिलों से 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री जल शक्ति रामकेश निषाद और राज्य मंत्री श्रम एवं सेवायोजन मनोहर लाल मन्नू कोरी ने यूनियन के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि उनकी ओर से दिए गए ज्ञापन को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। सम्मेलन के अंतिम दिन प्रतिनिधियों ने विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर खजुराहो का भ्रमण भी किया।
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मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों के बीच भेदभाव खत्म करने की मांग
सम्मेलन में इस बात पर चिंता जताई गई कि सरकारी अस्पतालों में राज्य कर्मचारियों के समान चिकित्सा सुविधा का लाभ सभी श्रमजीवी पत्रकारों के बजाय केवल मान्यता प्राप्त पत्रकारों तक सीमित कर दिया गया है। यूनियन ने डेस्क कर्मियों को मान्यता देने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने की मांग की।
प्रतिनिधियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह की सरकार द्वारा गठित पत्रकार बंधु व्यवस्था भी प्रभावी रूप से संचालित होती नजर नहीं आ रही है। वहीं, कोविड काल के दौरान पत्रकारों को रेल यात्रा में मिलने वाली 50 प्रतिशत छूट समाप्त किए जाने का मुद्दा भी सम्मेलन में उठाया गया।
यूनियन ने इन सभी सुविधाओं को तत्काल बहाल करने के साथ ही मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों के बीच सुविधाओं को लेकर भेदभाव समाप्त करने का अनुरोध किया।
पेंशन बढ़ाने और पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग
यूनियन के प्रादेशिक अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी की ओर से पेश किए गए ज्ञापन में पत्रकारों के लिए देशव्यापी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। साथ ही पीएफ के माध्यम से मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये करने की मांग भी रखी गई।
पत्रकारों पर बढ़ रहे हमलों पर चिंता जताते हुए सम्मेलन में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने और आकस्मिक निधन का शिकार होने वाले पत्रकारों के परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्थायी व्यवस्था की मांग की गई।
इसके अलावा पीजीआई में राज्य मुख्यालय के पत्रकारों को मिल रही चिकित्सा सुविधा की प्रक्रिया को सरल बनाने और इसका लाभ सभी पत्रकारों को देने, पत्रकारों को सस्ती दरों पर भूखंड आवंटित करने तथा छोटे और मध्यम श्रेणी के समाचार पत्रों को विज्ञापन आवंटन में निश्चित प्रतिशत निर्धारित करने की मांग भी उठाई गई।
यूनियन ने वेब मीडिया के लिए स्पष्ट नीति बनाने और प्रदेश स्तर पर प्रेस काउंसिल गठित करने की मांग भी की।
आयुष्मान योजना को व्यापक बनाने का सुझाव
प्रदेश सरकार की ओर से पत्रकारों को आयुष्मान योजना में शामिल किए जाने पर यूनियन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। साथ ही योजना में मौजूद कमियों को दूर कर इसे अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव दिए गए।
सम्मेलन में पत्रकारिता के क्षेत्र में मौजूद आंतरिक कमियों पर भी वक्ताओं ने चर्चा की। इन्हें दूर करने के लिए प्रतिनिधियों से लिखित सुझाव मांगे गए। प्राप्त सुझावों के आधार पर पत्रकारों की आचार संहिता को लेकर सरकार से वार्ता किए जाने की बात कही गई।
बुंदेली संस्कृति ने बांधा समां
स्वागत समिति के अध्यक्ष शिवशरण सिंह ने सम्मेलन में पहुंचे प्रतिनिधियों का स्वागत किया। महामंत्री देवराज सिंह ने यूनियन की एक वर्ष की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। सम्मेलन को आईएफडब्ल्यूजे के उपाध्यक्ष प्रेम कांत तिवारी और मुख्यालय सचिव के. विश्वदेव राव ने भी संबोधित किया।
आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं महोबा जिला अध्यक्ष संजय मिश्रा ने सभी अतिथियों और प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन के दौरान श्री मिश्रा को चित्रकूट मंडल का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया। कार्यक्रम के दोनों दिनों में प्रतिनिधियों ने बुंदेली सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
Reported By: Arun Sharma













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