उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी मैदान में क्षेत्रीय और सामाजिक ताकतों को एकजुट करने की कवायद शुरू हो गई है। इसी क्रम में आशुतोष नेगी के नेतृत्व में उत्तराखंड डेमोक्रेटिक एलायंस के गठन की बात सामने आई है। नेगी का कहना है कि कई क्षेत्रीय और सामाजिक राजनीतिक ताकतें एक मंच पर आकर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं।
आशुतोष नेगी ने बताया कि उत्तराखंड डेमोक्रेटिक एलायंस के जरिए प्रदेश की क्षेत्रीय और सामाजिक राजनीतिक ताकतों को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गठबंधन को उत्तराखंड क्रांति दल, उत्तराखंड क्रांति स्वाभिमान मोर्चा, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, जन समर्थन पार्टी और समानता पार्टी समेत कई दलों का समर्थन मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि गठबंधन को मजबूत करने के लिए समाज के अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रीय विचारधारा से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर साझा रणनीति तैयार करना है।
भाजपा-कांग्रेस के असंतुष्टों के लिए भी खुले दरवाजे
आशुतोष नेगी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस में ऐसे नेता और कार्यकर्ता जिन्हें आगामी चुनाव में टिकट नहीं मिलता और जो उत्तराखंड के लिए काम करना चाहते हैं, उनके लिए भी गठबंधन के दरवाजे खुले रहेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन का फोकस क्षेत्रीय मुद्दों और सामाजिक भागीदारी को केंद्र में रखकर राजनीतिक विकल्प खड़ा करने पर रहेगा।
नेगी के इस ऐलान के बाद उत्तराखंड की चुनावी सियासत में तीसरे मोर्चे की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि प्रस्तावित उत्तराखंड डेमोक्रेटिक एलायंस में कितने दल और राजनीतिक चेहरे शामिल होते हैं और 2027 के चुनाव में यह गठबंधन भाजपा और कांग्रेस के सामने किस तरह की चुनौती पेश करता है।
आशुतोष नेगी संरक्षक
Reported By: Shiv Narayan












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