अगर आप चाउमीन, मोमोज़ या अन्य फास्ट फूड के साथ टमाटर सॉस और सोया सॉस का खूब इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपको सतर्क कर सकती है। रुड़की के गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित मतलबपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक सॉस निर्माण इकाई पर छापेमारी कर कथित रूप से मिलावटी सॉस बनाने के मामले का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री में तैयार सॉस और कच्चे माल को नष्ट कराया गया, जबकि इकाई को फिलहाल बंद कर दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शिकायत मिलने के बाद फैक्ट्री में छापेमारी की। जांच के दौरान टीम को प्राथमिक जांच में ऐसे संकेत मिले कि टमाटर सॉस और सोया सॉस तैयार करने में कथित रूप से कृत्रिम एवं संभावित रूप से हानिकारक रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, टमाटर की जगह रंगों का उपयोग कर सॉस तैयार कर उसे बाजार में बेचे जाने की आशंका है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के गढ़वाल मंडल के कमिश्नर राजेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि विभाग को लंबे समय से बाजार में मिलावटी सॉस बिकने की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर टीम ने फैक्ट्री में छापेमारी की और मौके पर जांच की।
कार्रवाई के दौरान तैयार सॉस और निर्माण में प्रयुक्त कच्चे माल को मौके पर ही नष्ट कराया गया। साथ ही फैक्ट्री का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि अब यह भी जांच की जा रही है कि जिस परिसर में फैक्ट्री संचालित हो रही थी, वहां लाइसेंस किन परिस्थितियों में जारी किया गया था और क्या इकाई द्वारा खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी निर्धारित मानकों और नियमों का पालन किया जा रहा था।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच रिपोर्ट और प्रयोगशाला परीक्षण के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे केवल विश्वसनीय और मानकयुक्त खाद्य उत्पादों का ही उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग को दें।
राजेन्द्र सिंह रावत, (गढ़वाल कमिश्नर ,खाद्य सुरक्षा विभाग )
Reported By; Praveen Bhardwaj











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