शरद पूर्णिमा और विजयादशमी के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सोमवार को विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम में संघ का भव्य पथ संचलन आयोजित हुआ। स्वामीनारायण मंदिर से प्रारंभ हुआ यह संचलन अनुशासित पंक्तियों में “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष के साथ माणा रोड, बस टर्मिनल मार्ग और साकेत तिराहे से होता हुआ श्री बदरीनाथ धाम सिंह द्वार पर संपन्न हुआ।
इस अवसर पर तीन सौ से अधिक स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल हुए। मिनी स्वयंसेवकों के बैंड, वंदेमातरम की धुनों और नारेबाजी से वातावरण गूंज उठा। पथ संचलन के बाद स्वयंसेवकों ने श्री बदरीनाथ धाम के दर्शन किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, ध्वजारोहण और प्रार्थना से हुआ। प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि संघ का लक्ष्य प्रत्येक परिवार तक पहुंचना और युवाओं को शाखाओं से जोड़ना है। उन्होंने संगठन की शक्ति, सनातन संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक एकता पर जोर दिया।
बदरीपुरी में स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने जगह-जगह फूल वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। इस अवसर पर मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, विभाग प्रचारक मनोज जी, महात्मा अमित दास महाराज सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, गणमान्य नागरिक और तीर्थयात्री उपस्थित रहे। कार्यक्रम अनुशासित और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
Reported By: Arun Sharma














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