उत्तराखंड में अवैध मकानों और बस्तियों को हटाने तथा प्रभावित लोगों के विस्थापन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच भाजपा विधायक विनोद चमोली ने मामले पर अपनी राय रखते हुए कहा कि नदी किनारे असुरक्षित स्थानों पर रह रहे लोगों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराकर उनका विस्थापन किया जाना जरूरी है।
विनोद चमोली ने कहा कि मेयर के कार्यकाल के दौरान ब्रह्मपुरी, दीपनगर और कांवली समेत कई क्षेत्रों में नदी किनारे असुरक्षित स्थानों पर रह रहे लोगों के लिए योजनाएं लाई गई थीं। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों को फ्लैट उपलब्ध कराकर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना था।
आवंटित फ्लैट में शिफ्ट नहीं होने का मुद्दा
भाजपा विधायक ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई लोगों को आवास आवंटित किए गए हैं। हालांकि, यह भी सामने आ रहा है कि फ्लैट मिलने के बावजूद कुछ लोग अभी तक वहां शिफ्ट नहीं हुए हैं और पुरानी जगहों पर ही रह रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जो लोग आवंटित फ्लैट में शिफ्ट हो चुके हैं, उनके पुराने मकानों को हटाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। वहीं, जिन लोगों को आवास आवंटित होने के बावजूद वे शिफ्ट नहीं होना चाहते, उनके आवंटन की नए सिरे से समीक्षा की जानी चाहिए।
चमोली ने सुझाव दिया कि यदि किसी व्यक्ति को आवास आवंटित हो चुका है और वह जानबूझकर नए आवास में नहीं जा रहा है, तो उसके आवंटन पर पुनर्विचार किया जा सकता है। ऐसे मामलों में जरूरतमंद लोगों को आवास का अवसर देने पर विचार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विस्थापन की प्रक्रिया में प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वास्तविक जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित आवास मिले और नदी किनारे या अन्य असुरक्षित स्थानों पर रहने वाले परिवारों को व्यवस्थित तरीके से पुनर्वासित किया जाए।
विनोद चमोली विधायक भाजपा।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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