उत्तराखंड राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना ने दून मेडिकल कॉलेज में उपनल के सफाई कर्मचारियों को जबरन आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्त किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ कहा कि यह प्रक्रिया नियमविरुद्ध है और कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

मंगलवार को कॉलेज में प्राचार्य डॉ. गीता जैन और कर्मचारियों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने ठेकेदारों द्वारा न्यूनतम वेतन न देने, ईएसआई और पीएफ का लाभ न देने जैसी अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाया। श्री मकवाना ने ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, उनकी सिक्योरिटी डिपॉजिट को कर्मचारियों के बकाया भुगतान में समायोजित करने और खाते से वसूली के निर्देश दिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि कर्मचारियों का उत्पीड़न करने वाले ठेकेदारों को जेल भेजा जाएगा। साथ ही विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत की जांच के भी आदेश दिए। उन्होंने प्राचार्य को निर्देशित किया कि हर तीन माह में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच संवाद सुनिश्चित किया जाए, ताकि समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।
Reported By: Pawan Khashyap














Discussion about this post