पौड़ी गढ़वाल जिले में जहां ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार और भालुओं का खतरा बना हुआ है, वहीं अब जिला मुख्यालय पौड़ी में आवारा सांडों का आतंक बढ़ता जा रहा है। नगर पालिका के दावों के बावजूद शहर में निराश्रित सांडों से निजात नहीं मिल पा रही है। सोमवार को अलग-अलग स्थानों पर सांड के हमलों में एक बच्चा और एक ग्रामीण घायल हो गए।
तल्ली ढांडरी निवासी मनमोहन रोजाना की तरह गांव से पौड़ी बाजार आ रहे थे। बस अड्डे से धारा रोड होते हुए अपर बाजार की ओर जाते समय अचानक एक सांड ने पीछे से हमला कर दिया, जिससे वे गिरकर घायल हो गए। आसपास के लोगों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पौड़ी में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
वहीं लोअर बाजार निवासी अंश रस्तोगी डीएवी इंटर कॉलेज में आयोजित नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला में शामिल होने जा रहा था। पौड़ी–देवप्रयाग मोटर मार्ग पर डीएवी स्कूल के सामने पैदल चलते समय एक सांड ने उस पर हमला कर दिया। गिरने के दौरान बच्चा एक कार की चपेट में भी आ गया, जिससे वह घायल हो गया। स्थानीय लोगों और नाट्य संस्था नवांकुर के सहयोग से अंश को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. एलडी सेमवाल के अनुसार अंश की बाईं जांघ, मुंह और ठोड़ी पर चोट आई है तथा उसका इलाज चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में निराश्रित सांडों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की सुरक्षा खतरे में है और यातायात भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने नगर पालिका से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है। वहीं नगर पालिका पौड़ी की ईओ गायत्री बिष्ट का कहना है कि निराश्रित सांडों को आश्रय स्थलों में पहुंचाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है और जल्द ही शहर को सांड मुक्त किया जाएगा।
Reported By: Pawan Kashyap












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