
हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में लगे गुघाल मेले में बड़ा हादसा हो गया। झूला टूटने से दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मेले में भगदड़ और अफरातफरी मच गई। चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना के पूरे 30 मिनट तक पुलिस और प्रशासन को सूचना तक नहीं मिली। बिना फिटनेस जांच झूले को अनुमति देने पर जिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर हो रही है। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या मेले की चकाचौंध और मुनाफे के लिए बच्चों की जान इस तरह खतरे में डाली जाएगी।
घायल बच्चे ने बताया कि जब हम झूले में बैठे थे तो झूले से तेज आवाज आ रही थी। हमने शोर मचाकर झूले वाले को रोकने को कहा, लेकिन उसने अनसुना कर झूले की रफ्तार और बढ़ा दी। इसी दौरान झूला टूट गया और मैं अपने भाई के साथ नीचे गिर पड़ा। मेरे दोनों पैरों की हड्डियां टूट गईं, वहीं मेरे भाई के मुंह में गंभीर चोट आई है और उसके दांत तक टूट गए हैं।
पीड़ित के परिजन संदीप कुमार ने कहा कि झूले में पहले से खराबी थी, लेकिन संचालक ने लापरवाही बरती। हादसे के बाद लोग बच्चों को मेरे पास लेकर आए, जिसके बाद मैं आनन-फानन में उन्हें हरिद्वार के रानीपुर मोड़ स्थित सिटी हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। जहां डॉक्टरों ने एक बच्चे के दोनों पैर टूटने और दूसरे के मुंह व सिर में गंभीर चोट की पुष्टि की। परिजनों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और प्रशासन को भी जांच करनी चाहिए कि आखिर बिना फिटनेस जांच ऐसे झूले को अनुमति कैसे मिल गई।
घायल बच्चा।
संदीप कुमार, पीड़ित के परिजन।
Reported By: Praveen Bhardwaj













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