मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में कांग्रेस शासन के दौरान संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का प्रयास किया गया था, लेकिन लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान ने देश के लोकतंत्र की रक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया, राजनीतिक विरोधियों को जेलों में डाला गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया गया। ऐसे कठिन समय में लोकतंत्र सेनानियों ने साहस और दृढ़ संकल्प के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के अतुलनीय त्याग और संघर्ष का ही परिणाम है कि आज भारत विश्व का सबसे बड़ा और मजबूत लोकतंत्र बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश लोकतंत्र सेनानियों के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण, मुफ्त राशन योजना, हर घर नल से जल, Pradhan Mantri Ujjwala Yojana, पक्के मकान, किसान सम्मान निधि और Ayushman Bharat जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने जिस सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का सपना देखा था, वह आज साकार होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी सेनानियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
Reported By: Prvaeen Bhardwaj












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